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Tuesday, February 25, 2014

दलदल में दलबदल, राहुल का जवाब, प्रियंका की मुक्केबाज़ी और नरगिस की बेनूरी !

चुनाव जैसे जैसे नज़दीक आ रहे है, हमारे देश की राजनीति में गहमागहमी में भी बढौतरी हो रही है। इन दिनों इतनी गडबडी और हडबडी का माहौल है कि व्यंग और हास्य का ज्यादातर मसाला राजनीति की ख़बरो पर नज़र घुमाते हीं अनायास मिल जाता है । आज के अख़बार की झलक पाने पर कुछ ऎसी ख़बरें सामने आई जिसका ब्यौरा अपने ढंग से पेश कर रहा हूँ:

  • पिछले कुछ दिनों में सुर्खियोँ में लगातार छाये रहें दिल्ही के पूर्व मुख़्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आम चुनाव से पहले ही गैस के दाम में बढौतरी को लेकर राहुल गांधी को पत्र लिख कर प्राकृतिक गैस के दाम के बारे में कुछ प्रश्न पूछे है । अब राहुल गांधी का जवाब जब आयेगा तब देखा जायेगा, लेकिन मुझे मालूम है कि राहुलजी का जवाब यही होगा : "नमस्कार ! आम आदमी देश की राजनीति में बिना किसी रुकावट के आसानी से प्रवेश कर पाएं और महिलाओं का सशक्तिकरण भी हो इस दिशा में काम करने के लिए काँग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है !


  • जब गहरी नींद आ रही हो तब कोई बिस्तर की क्वालिटी नहीं देखता और जब कडी भूख लगी हो तो तब मेन्यू की सूची मायने नहीं रखती । बिलकुल इसी तरह जब आम चुनाव नजदीक हो तब गठबंधन करते वक़्त राजनैतिक दल की मैली छवि गौण हो जाती है । कहीं पे पढा था कि हमारे पासे गणतंत्र नहीं है लेकिन वोटो और नोटों की गिनती करने का गणनतंत्र है । अब भारतीय जनता पार्टी को ही ले लिजीए । बिहार में नीतिश से राजनैतिक तलाक होने के बाद उन्हे लोकजनशक्ति पार्टी के नेता रामविलास पासवान में अपना चुनावी पार्टनर नज़र आने लगा है । वैसे एक कार्टून पात्र पिनोकियो जैसी लम्बी ट्रेडमार्क नाक वालें टीआरएस के प्रमुख चंद्रशेखर राव भी जहाँ अपना स्वार्थ पूरा होता दिखाई दे वहाँ नाक रगडने से परहेज़ नहीं रखते । गुजरात बीजेपी के बागी विधायक गोरधन झडफिया ने भी अब प्रधानमंत्री पद को लेकर नरेन्द्र मोदी की दावेदारी ताजपोशी में तबदील होने की प्रबल संभावनाओ को भाँप कर अपनी तुच्छ राजनीतिक हस्ती को शेष होने से बचाने के लिए मोदीजी के समर्थन में खुलकर सामने आना मुनासिब समझा है । एसा प्रतीत हो रहा है की राजनीति के दलदल में दलबदल का मौसम आया हो ।   

अब राजनीति की बोझिल और पल पल रंग बदलनें वाली दुनिया से बाहर आ कर सिनेमा की रंगीन दुनिया की ओर रुख करतें है । सुना है कि पूर्व मिस वर्ल्ड और अभिनेत्री प्रियंका चोपरा सिल्वर स्क्रीन पर भारतीय महिला बॉक्सर मैरी कॉम के किरदार को न्याय देने के लिए प्रतिबद्ध है । हमारे देश के नेता "मेरी कोम, मेरी कोम" का सूत्र रटकर कोमवाद की राजनीति से बाज़ नहीं आ रहै है ऎसे में महिला मुक्केबाज़ मैरी कॉम के जीवन पर आधारित यह फ़िल्म के लिए प्रियंका की कडी मेहनत क्या रंग लाती है यह देखना दिलचश्प रहेगा । हमें उम्मीद है की प्रियंका के अभिनय से दर्शको के माथें पर मुक्कों की बरसात नहीं होगी ! 



धूम श्रेणी की फ़िल्मों में एक मज़ाक बनकर रह जाने वालें उदय चोपरा की वज़ह से उनकी गर्लफ्रैन्ड नरगिस फखरी को हालीवुड की एक फ़िल्म नसीब हुई है ऎसी चौंकानेवाली ख़बर सामने आई है । इन दोनो के इश्क की ख़बरें पहली बार सुनी थी तब यकीन नहीं हुआ था कि ऎसा भी होता है ! एक ओर हमारी मनचली कैटरिना कैफ है जो बेझिझक रणबीर कपूर जैसे प्रतिभाशाली हैन्सम अभिनेता को रिजेक्ट करती है और दूसरी ओर उदय चोपरा है जो नरगिस फखरी को बिन्दास घूमा रहे है । लगता है इस अज़ीबोगरीब कायनात में योग्यता की परिभाषा में आमूल परिवर्तन करने का यह सही वक्त है । इन दोनो की अविश्वसनीय प्रेम कहानी पर एक पुराना शेर कुछ बदलाव के साथ पेश है :

जब उदय चोपरा जैसा प्रेमी नसीब होता है तो 
हज़ारो साल रोती है नरगिस अपनी बेनूरी पर !

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